Chanakya Niti

Chanakya Niti, चाणक्य नीति, Chanakya Neeti, Chanakya Niti in Hindi, Chanakya Neeti In Hindi, Chanakya Neeti Hindi, Chanakya Niti Hindi, Chanakya in Hindi, चाणक्य के अनमोल विचार, चाणक्य नीति हिंदी में, चाणक्य नीति हिंदी, अनमोल वचन चाणक्य, Chanakya Anmol Vachan, Chanakya Quotes Hindi, Chanakya Suvichar, Chanakya Suvichar In Hindi, Chanakya Quotes In Hindi, Shayari

Chanakya Niti

Chanakya Niti

झूठ बोलना, कठोरता, छल करना, बेवकूफी करना, लालच,
अपवित्रता और निर्दयता ये औरतो के कुछ नैसर्गिक दुर्गुण है


Chanakya Niti, Chanakya Neeti

भोजन के योग्य पदार्थ और भोजन करने की क्षमता,
सुन्दर स्त्री और उसे भोगने के लिए काम शक्ति,
पर्याप्त धनराशी तथा दान देने की भावना –
ऐसे संयोगों का होना सामान्य तप का फल नहीं है

Chanakya Niti, Chanakya Neeti


पुत्र वही है जो पिता का कहना मानता हो,
पिता वही है जो पुत्रों का पालन-पोषण करे,
मित्र वही है जिस पर आप विश्वास कर सकते हों
और पत्नी वही है जिससे सुख प्राप्त हो

ऐसे लोगों से बचे जो आपके मुह पर तो मीठी बातें करते हैं,
लेकिन आपके पीठ पीछे आपको बर्बाद करने की योजना बनाते है,
ऐसा करने वाले तो उस विष के घड़े के समान है
जिसकी उपरी सतह दूध से भरी है

Chanakya Niti, Chanakya Neeti


एक बुरे मित्र पर तो कभी विश्वास ना करे।
एक अच्छे मित्र पर भी विश्वास ना करें।
क्यूंकि यदि ऐसे लोग आपसे रुष्ट होते है
तो आप के सभी राज से पर्दा खोल देंगे

Chanakya Niti, Chanakya Neeti


मन में सोंचे हुए कार्य को किसी के सामने प्रकट न करें
बल्कि मनन पूर्वक उसकी सुरक्षा करते हुए उसे कार्य में परिणत कर दें


मुर्खता दुखदायी है, जवानी भी दुखदायी है,
लेकिन इन सबसे कहीं ज्यादा दुखदायी किसी दुसरे के घर जाकर उसका अहसान लेना है

Chanakya Niti, Chanakya Neeti


हर पर्वत पर माणिक्य नहीं होते,
हर हाथी के सर पर मणी नहीं होता,
सज्जन पुरुष भी हर जगह नहीं होते
और हर वन मे चन्दन के वृक्ष भी नहीं होते हैं

Chanakya Niti, Chanakya Neeti


बुद्धिमान पिता को अपने पुत्रों को शुभ गुणों की सीख देनी चाहिए
क्योंकि नीतिज्ञ और ज्ञानी व्यक्तियों की ही कुल में पूजा होती है


जो माता व् पिता अपने बच्चों को शिक्षा नहीं देते है
वो तो बच्चों के शत्रु के सामान हैं। क्योंकि
वे विद्याहीन बालक विद्वानों की सभा में वैसे ही तिरस्कृत किये जाते हैं
जैसे हंसो की सभा मे बगुले

Chanakya Niti, Chanakya Neeti


लाड-प्यार से बच्चों मे गलत आदते ढलती है,
उन्हें कड़ी शिक्षा देने से वे अच्छी आदते सीखते है,
इसलिए बच्चों को जरुरत पड़ने पर दण्डित करें, ज्यादा लाड ना करें

Chanakya Niti, Chanakya Neeti


ऐसा एक भी दिन नहीं जाना चाहिए जब आपने एक श्लोक,
आधा श्लोक, चौथाई श्लोक, या श्लोक का केवल एक अक्षर नहीं सीखा,
या आपने दान, अभ्यास या कोई पवित्र कार्य नहीं किया

Chanakya Niti, Chanakya Neeti


पत्नी का वियोग होना, आपने ही लोगो से बे-इजजत होना,
बचा हुआ ऋण, दुष्ट राजा की सेवा करना,
गरीबी एवं दरिद्रों की सभा – ये छह बातें शरीर को बिना अग्नि के ही जला देती हैं

नदी के किनारे वाले वृक्ष, दुसरे व्यक्ति के घर मे जाने
अथवा रहने वाली स्त्री एवं बिना मंत्रियों का राजा –
ये सब निश्चय ही शीघ्र नस्ट हो जाते हैं

Chanakya Niti, Chanakya Neeti


वेश्या को निर्धन व्यक्ति को त्याग देना चाहिए,
प्रजा को पराजित राजा को त्याग देना चाहिए,
पक्षियों को फलरहित वृक्ष त्याग देना चाहिए
एवं अतिथियों को भोजन करने के पश्चात् मेजबान के घर से निकल देना चाहिए

Chanakya Niti, Chanakya Neeti


ब्राह्मण दक्षिणा मिलने के पश्चात् आपने यजमानो को छोड़ देते है,
विद्वान विद्या प्राप्ति के बाद गुरु को छोड़ जाते हैं और पशु जले हुए वन को त्याग देते हैं

जो व्यक्ति दुराचारी, कुदृष्टि वाले,
एवं बुरे स्थान पर रहने वाले मनुष्य के साथ मित्रता करता है,
वह शीघ्र नष्ट हो जाता है


प्रेम और मित्रता बराबर वालों में अच्छी लगती है,
राजा के यहाँ नौकरी करने वाले को ही सम्मान मिलता है,
व्यवसायों में वाणिज्य सबसे अच्छा है,
अवं उत्तम गुणों वाली स्त्री अपने घर में सुरक्षित रहती है

Chanakya Niti, Chanakya Neeti


ब्राह्मणों को अग्नि की पूजा करनी चाहिए .
दुसरे लोगों को ब्राह्मण की पूजा करनी चाहिए .
पत्नी को पति की पूजा करनी चाहिए
तथा दोपहर के भोजन के लिए जो अतिथि आये उसकी सभी को पूजा करनी चाहिए

Chanakya Niti, Chanakya Neeti


सोने की परख उसे घिस कर, काट कर, गरम कर के और पीट कर की जाती है.
उसी तरह व्यक्ति का परीक्षण वह कितना त्याग करता है,
उसका आचरण कैसा है, उसमे गुण कौनसे है और उसका व्यवहार कैसा है इससे होता है

Chanakya Niti, Chanakya Neeti