Desh Bhakti Shayari : Desh Bhakti Shayari in Hindi

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मैं चैन ओ अमन पसंद करता हूँ, मेरे देश में दंगा रहने दो
लाल हरे में मत बांटो, मेरी छत पे तिरंगा रहने दो

ये मत पूछो की वतन ने तुमको क्या दिया ?
ये सोचो कि तुमने वतन के लिए क्या किया ?

Desh Bhakti Shayari

Desh Bhakti Shayari

आओ देश का सम्मान करें शहीदों की शहादत याद करें
एक बार फिर से राष्ट्र की कमान
हिंदुस्तानी अपने हाथ धरें
आओ स्वतंत्रता दिवस का मान करें

आजादी की कभी शाम ना होने देंगे
शहीदों की कुर्बानी बदनाम ना होने देंगे
बची है जो 1 भी बूंद लहू की तब तक
भारत का आँचल नीलाम ना होने देंगे

Desh Bhakti Shayari

भारत माता तेरी गाथा
सबसे ऊँची तेरी शान
तेरे आगे शीश झुकाएं
दें तुझको हम सब सम्मान

Desh Bhakti Shayari in Hindi Language

Desh Bhakti Shayari in Hindi Language

दे सलामी इस तिरंगे को
जिससे तेरी शान है
सर हमेशा ऊँचा रखना इसका
जब तक दिल में जान है

आजादी का जोश कभी कम नहीं होने देंगें
जब भी जरुरत पड़ी देश के लिए जान लुटा देंगे
क्योंकि भारत हमारा देश है
अब दोबारा इस पर कभी आंच नहीं आने देंगे

Desh Bhakti Shayari In Hindi

चलो फिर से आज वो नजारा याद कर लें
शहीदों के दिल में थी वो ज्वाला याद कर लें
जिसमें बहकर आजादी पहुंची थी किनारे
देश भक्तों के खून की वो धारा याद कर लें

Desh Bhakti Shayari in Hindi

Desh Bhakti Shayari in Hindi


चलो फिर से खुद को जागते हैं
अनुशासन का डंडा फिर घुमाते हैं
सुनहरा रंग है शहीदों के लहू से
ऐसे शहीदों को हम सब सर झुकाते हैं

देशभक्ति शायरी

अपनी आजादी को हम हरगिज मिटा सकते नहीं
सर कटा सकते हैं लेकिन सर झुका सकते नहीं

देशभक्ति शायरी

सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा
हम बुलबुले हैं इसकी ये गुलसिता हमारा

Hindi Desh Bhakti Shayari

Hindi Desh Bhakti Shayari


मझहब नही सीखाता आपस मे बैर रखना
हिन्दी हैं हम वतन है हिन्दोस्तान हमारा

देश भक्ति शायरी


हम आजादी तभी पाते हैं
जब अपने जीवित रहने के अधिकार का पूरा मूल्य चुका देते हैं – रवींद्र नाथ टैगोर

देश भक्ति शायरी


तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूँगा – नेताजी सुभाष चंद्र बोस

देश भक्ति शायरी


जो लोग दूसरों को आजादी नहीं देते, उन्हें खुद भी इसका हक नहीं होता – अब्राहम लिंकन

Shayari On Desh Bhakti

Shayari On Desh Bhakti

किसी भी कीमत पर स्वतंत्रता का मोल नहीं किया जा सकता| वह जीवन है| भला जीने के लिए कोई क्या मोल नहीं चुकाएगा? – महात्मा गाँधी

ना पूछो ज़माने से क्या हमारी कहानी है
हमारी पहचान तो ये है कि हम हिंदुस्तानी हैं


संस्कृति और संस्कार की शान मिले ऐसे
हिंदू, मुस्लमान और हिंदुस्तान मिले ऐसे
हम मिलजुल कर रहे ऐसे कि
मंदिर में अल्लाह और मस्जिद में राम मिले जैसे

देशभक्ति शायरी


मैं हनुमान हूँ इसका
ये मेरे श्री राम हैं
छाती चीरकर देख लो
अंदर बैठा हिंदुस्तान


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