Gantantra Diwas Shayari

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Gantantra Diwas Shayari आज शहीदों ने है तुमको, अहले वतन ललकारा,
तोड़ो गुलामी की जंजीरें, बरसाओ अंगारा,
हिन्दू-मुस्लिम-सिख हमारा, भाई-भाई प्यारा,
यह है आजादी का झंडा, इसे सलाम हमारा

Gantantra Diwas Shayari

Gantantra Diwas Shayari

नहीं सिर्फ जश्न मनाना, नहीं सिर्फ झंडे लहराना,
ये काफी नहीं है वतन पर, यादों को नहीं भुलाना,
जो कुर्बान हुए उनके लफ़्ज़ों को आगे बढ़ाना,
खुदा के लिए नही ज़िन्दगी वतन के लिए लुटाना,
हम लाएं है तूफ़ान से कश्ती निकाल के
इस देश को रखना मेरे बच्चों संभाल के

Gantantra Diwas Shayari In Hindi

तैरना है तो समंदर में तैरो
नदी नालों में क्या रखा है,
प्यार करना है तो वतन से करो
इस बेवफ़ा लोगों में क्या रखा है
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं.

Gantantra Diwas Shayari In Hindi

Gantantra Diwas Shayari In Hindi

सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्ताँ हमारा
हम बुलबुलें हैं इसकी, यह गुलिस्ताँ हमारा

दाग गुलामी का धोया है जान लुटा कर,
दीप जलाये है कितने दीप भुझा कर,
मिली है जब यह आज़ादी तो फिर इस आज़ादी को…
रखना होगा हर दुश्मन से आज बचाकर

Gantantra Diwas Status

चलो फिर से खुद को जागते है,
अनुसासन का डंडा फिर घुमाते है,
सुनहरा रंग है गणतंत्र का सहिदो के लहू से,
ऐसे सहिदो को हम सब सर झुकाते है


देश भक्तो की बलिदान से,स्वतन्त्र हुए है हम,
कोई पूछे कोन हो,तो गर्व से कहेंगे. भारतीय है हम…

Gantantra Diwas Status In Hindi

अलग है भाषा, धर्म जात और प्रान्त, भेष, परिवेश
पर हम सब का एक है गौरव राष्ट्रध्वज तिरंगा
श्रेष्ठ गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

स्वतंत्रता दिवस पर शेर

भारत के गणतंत्र का, सारे जग में मान;
दशकों से खिल रही, उसकी अद्भुत शान;
सब धर्मों को देकर मान रचा गया इतिहास;
इसीलिए हर देशवासी को इसमें है विश्वास


राष्ट्र के लिए मान-सम्मान रहे,
हर एक दिल में हिन्दुस्तान रहे,
देश के लिए एक-दो तारीख नही,
भारत माँ के लिए ही हर सांस रहे
गणतंत्र दिवस की बधाई!

गणतंत्र दिवस पर शायरी

हिन्दू-मुस्लिम-सिख-ईसाई हर धर्म की रक्षा की है;
सभी वर्ग के लोगों को सम्मान देने की प्रतिज्ञा की है;
ऐसा सशक्त और मज़बूत लोकतंत्र किया तैयार;
जिसकी हर देशवासी ने दिल से इच्छा की है

गणतंत्र दिवस की शायरी

चलो फिर से खुद को जगाते हैं;
अनुशासन का डंडा फिर घुमाते हैं;
याद करें उन शूरवीरों को क़ुरबानी;
जिनके कारण हम इस लोकतंत्र का आनंद उठाते हैं

गणतंत्र दिवस पर शेर

चलो फिर से खुद को जगाते हैं;
अनुशासन का डंडा फिर घुमाते हैं;
याद करें उन शूरवीरों को क़ुरबानी;
जिनके कारण हम इस लोकतंत्र का आनंद उठाते हैं

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