Hamari Adhuri Kahani Shayari Fecbook

शायरी पसन्द आये तो एक शेयर जरूर करे

Hamari Adhuri Kahani, Hamari Adhuri Kahani Shayari

Hamari Adhuri Kahani

Hamari Adhuri Kahani

चेहरा है या चाँद खिला है,
जुल्म घनेरी शाम है क्या…
सागर जैसी आँखो वाली,
ये तो बता तेरा नाम है क्या

Hamari Adhuri Kahani

कहा से आती है हिचकिचा
न जाने कोन फरियाद करता है
खुदा हमेशा सलामत रखे उनको
जो दिल से हमे याद करता है


तुझे पलकों पे बिठाने को जी चाहता है
तेरी बाहों से लिपटने को जी चाहता है,
खूबसूरती की इंतेहा हैं तू,
तुझे ज़िन्दगी में बसाने को जी चाहता है


बहुत उदास है कोई शख्स तेरे जाने से,
हो सके तो लौट के आजा किसी बहाने से,
तू लाख खफा हो पर एक बार तो देख ले,
कोई बिखर गया है तेरे रूठ जाने से


खता हो गयी तो फिर सज़ा सुना दो,
दिल में इतना दर्द क्यूँ है वजह बता दो,
देर हो गयी याद करने में जरूर,
लेकिन तुमको भुला देंगे ये ख्याल मिटा दो


नाराज क्यूँ होते हो किस बात पे हो रूठे,
अच्छा चलो ये माना तुम सच्चे हम ही झूठे,
कब तक छुपाओगे तुम हमसे हो प्यार करते,
गुस्से का है बहाना दिल में हो हम पे मरते


मन में सबको पाने का अरमान नहीं होता;
हर कोई दिल का मेहमान नहीं होता;
पर जो एक बार बन जाते हैं अपने;
फिर उन्हें कभी भुलाना इतना आसान नहीं होता

Hamari Adhuri Kahani in Hindi

Hamari Adhuri Kahani in Hindi

हुज़ूर आपका भी एहतराम करता चलूँ
इधर से गुज़रा था सोचा सलाम करता चलूँ,
निगाह-ओ-दिल की यही आखरी तमन्ना है
तुम्हारी ज़ुल्फ़ के साए में शाम करता चलूँ,
उन्हें ये ज़िद कि मुझे देख कर किसी को न देख
मेरा ये शौक के सबसे कलाम करता चलूँ


तुम खफा हो गए तो कोई ख़ुशी न रहेगी,
तुम्हारे बिना चिरागों में रोशनी न रहेगी,
क्या कहे क्या गुजरेगी इस दिल पर,
जिंदा तो रहेंगे पर ज़िन्दगी न रहेगी


हमसे कोई खता हो जाये तो माफ़ करना,
हम याद न कर पाएं तो माफ़ करना,
दिल से तो हम आपको कभी भूलते नहीं,
पर ये दिल ही रुक जाये तो माफ़ करना


सुर्ख आँखो से जब वो देखते है,
हम घबराकर आँखे झुका लेते है,
क्यू मिलाए उन आँखो से आखे,
सुना है वो आखो से अपना बना लेते है


हसरत है सिर्फ तुम्हें पाने की,
और कोई ख्वाहिश नहीं इस दीवाने की,
शिकवा मुझे तुमसे नहीं खुदा से है,
क्या ज़रूरत थी, तुम्हें इतना खूबसूरत बनाने की


तरस गये आपके दीदार को,
दिल फिर भी आपका इंतज़ार करता है,
हमसे अच्छा तो आपके घर का आईना है,
जो हर रोज़ आपका दीदार करता है


तुम हक़ीकत नहीं हो हसरत हो,
जो मिले ख़्वाब में वही दौलत हो,
किस लिए देखती हो आईना,
तुम तो खुदा से भी ज्यादा खूबसूरत हो


पलकों को जब-जब आपने झुकाया है,
बस एक ही ख्याल दिल में आया है,
कि जिस खुदा ने तुम्हें बनाया है,
तुम्हें धरती पर भेजकर वो कैसे जी पाया है


शायरी पसन्द आये तो एक शेयर जरूर करे