Main Aur Meri Tanhai Main Aur Meri Shayari

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सच कहूँ तो बहुत कुछ है मेरे पास, तुम्हे कहने को,
पर खामोशी में जो कह देता हूँ, वो बात लफ़्ज़ों में नहीं

Main Aur Meri Tanhai

बिखरेगी फिर वही चमक,
तेरे वजूद से तू महसूस करना !!
टूटे हुए मन को,
संवरने में थोड़ा वक्त लगता है

कोई #चराग़ जलाता नहीं सलीक़े से,
मगर सभी को #शिकायत हवा से होती है.

बेताब हूँ, अब बेबाक़ होना चाहता हूँ
मैं कुछ कुछ तुझसा होना चाहता हूँ

main aur meri tanhai

तुम मेरी खामोशी , मैं तेरी खामोशी को पढ़ू
आओ कोई किताब ज़िन्दगी का लिखें

मैं आसमान जितना चाहूँ तुम्हें,
और तुम बस मुट्ठी भर।
और तुम्हारी उस हथेली में समाया
मेरा सारा का सारा आसमान

थोड़ा धीरज रख,
थोड़ा और जोर लगाता रह !!
किस्मत के जंग लगे दरवाजे को,
खुलने में वक्त लगता है

एहसानों की इस दुनिया में,
इतना भी हताश न हो।
दिल अभी और भी सस्ते होंगे,
थोड़ा और भरोसा रखो

 main aur meri shayari

किसीने खुब सही कहा है ..
खुशीयॉ आये जिंदगी मै तो
चख लेना मिठाई समझ कर
जब गम आये तो वो भी
खा लेना दवाई समझ कर

मेरी किस्मत से खेलने वाले.!
मुझको किस्मत से बेखबर कर दे.

सोचो कि कितना #प्यार करते हैं वो
कितना तुम पर #जान छिड़कते हैं वो
जिनकी तुम्हारी #शायरी पढ़कर जान जा रही है
गर जिस दिन #तुमको_पढ़_लेंगे सोचो क्या हाल होगा।

सूरज में लगे धब्बा, फ़ितरत के करिश्मे हैं..
बुत्त हम को कहें काफ़िर अल्लाह की मर्ज़ी है

 main aur meri shayari in hindi

ना #मां बस एक शब्द हैं।..
ना बस कोई अल्फाज…
दिल से मानो तो वो एक एहसास हैं…
रुंह से जाणो तो वो एक आहट हैं..

अगर तुम अपने ? को मेरे ? से मिलाओगे,
वादा है तुझसे मुझे तो क्या खुदको भुल जाओगे
यादों में आने वाले यार हमे ? से अगर चाहोगे
जिंदगी के हर रास्ते में सदा सफलता ही पाओगे

सफर – ए – जिंदगी में जब कोई मुश्किल मकाम आया,
ना गैरों ने तवज्जो दी ना अपना कोई काम आया!

क्यों इतना घबराओ,
कि दिल इधर उधर भागे?
तारे कौनसा रोज़ एक जगह पर,
फिर भी आसमां है न खूबसूरत

गुस्ताखियां कर मुकर जाते वो कहकर तुम्हारी संगत का असर है।
हम इसी में सुकून पा लेते, कि हमारी संगत भी है और असर भी है उनपर।

बात हर कोई सीरत की करता है ।
मगर मरता हर कोई सूरत पे है
कौन सा शेर सुनाउ मैं तुम्हें, सोचता हूँ|
नया उलझा है बहुत और पुराना मुश्किल

जब मैं किसी रेल-सी गुज़रती हूँ
वो किसी पुल-सा थरथराता है.
आज हर ख़ामोशी को मिटा देने का मन है
जो भी छिपा रखा है मन में लूटा देने का मन है

 main aur meri shayari in hindi

समझते ही नहीं #नज़र-ओ-जुबां मुहब्बत की,,,
और एक हम है जो हर बात, #शायरी में करते हैं
कोई ज़ख़्म थोड़े ही है जो यूँ भर जाएगा..
ये इश्क़ है जनाब मेरे साथ ही जाएगा

खुदा जाने क्या था उन अजनबी आंखों में,
मैंने बस एक नज़र में ज़िन्दगी खो दी
इस शहर के लोगों में वफ़ा ढूँढ रहे हो,
तुम जहर कि शीशी में दवा ढूँढ रहे हो

बडी लम्बी खामोशी से गुजरा हूँ मै ,
किसी से कुछ कहने की कोशिश मे
हर बात से, हर आह से उम्मीद ले रहे हैं,
दर्द ठहरो जरा,जख्म नींद ले रहे है


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