Tareef Shayari : Khubsurti ki Tareef Shayari

शायरी पसन्द आये तो एक शेयर जरूर करे

Balaa Hai Qahar Hau Aafat Hai Fitna Qayamat Hai,
Haseeno Ki Jawani Ko Jawani Kaun Kehta Hai.
बला है क़हर है आफ़त है फ़ित्ना है क़यामत है
हसीनों की जवानी को जवानी कौन कहता है।

Tareef Shayari

Tareef Shayari

Shokhi Se Thhaherati Nahi Qatil Ki Najar Aaj,
Yeh Barq-e-Bala Dekhiye Girti Hai Kidhar Aaj.
शोख़ी से ठहरती नहीं क़ातिल की नज़र आज,
ये बर्क़-ए-बला देखिए गिरती है किधर आज

Khubsurti ki Tareef Shayari

Jabin Par Saadgi, Neechi Nigahein, Baat Mein Narmi,
Mukhatib Kaun Kar Sakta Hai Tumko Lafze-Qatil Se.
जबीं पर सादगी, नीची निगाहें, बात में नरमी,
मुखातिब कौन कर सकता है तुमको लफ्जे-कातिल से।


Angdaai Leke Apna Mujh Par Jo Khumaar Dala,
Kafir Ki Iss Adaa Ne Bas Mujhko Maar Dala.
अंगड़ाई लेके अपना मुझ पर जो खुमार डाला,
काफ़िर की इस अदा ने बस मुझको मार डाला।


Yeh Gesuon Ki Ghatayein Yeh Labon Ke Maikhane,
Nigaah-e-Shauq Khudaya Kahan Kahan Thhehre.
यह गेसुओं की घटाएं यह लबों के मैखाने,
निगाहे-शौक खुदाया कहाँ कहाँ ठहरे।

Ttareef Shayari – Tarif Shayari

Idhar Gesu Udhar Ru-e-Munawwar Hai Tasawar Mein,
Kahan Yeh Shaam Aayegi Kahan Aisi Sahar Hogi.
इधर गेसू उधर रू-ए-मुनव्वर है तसव्वर में,
कहाँ ये शाम आयेगी कहाँ ऐसी सहर होगी।


Bijliyon Ne Seekh Li Unke Tabassum Ki Adaa,
Rang Zulfon Ki Chura Layi Ghataa Barsat Ki.
बिजलियों ने सीख ली उनके तबस्सुम की अदा,
रंग ज़ुल्फ़ों की चुरा लाई घटा बरसात की।


Puchha Jo Unse Chaand Nikalta Hai Kis Tarah,
Zunfon Ko Rukh Pe Daal Ke Jhatka Diya Ke Yun.
पूछा जो उनसे चाँद निकलता है किस तरह,
ज़ुल्फ़ों को रूख पे डाल के झटका दिया कि यूँ।


Yeh DilFareb Tabassum, Yeh Mast Najar,
Tumhare Dam Se Chaman Mein Bahaar Baaki Hai.
यह दिलफरेब तबस्सुम, यह मस्त नजर,
तुम्हारे दम से चमन में बहार बाकी है।


Woh Aad Mein Parde Ke Teri Neem-Nigahi,
Tute Huye Teer Ka Tukda Hai Jigar Mein.
वह आड़ में पर्दे के तेरी नीमनिगाही,
टूटे हुए तीर का इक टुकड़ा है जिगर में।

Khubsurti ki Tareef Shayari in Hindi

देखे जो आइना भी तो रूठकर बिखर जाये टुकड़ो में
कुछ ऐसे सजा-सवरा उस दिन मेरी महबूब का रूप सिंगार होगा
सादगी उसकी इतना कातिल है, उसके हुस्न का आलम यारो
क्या होगा उस दिन जब वो गहनो से सजकर तैयार होगा


उतरा है मेरे दिल में कोई चाँद नगर से,
अब खौफ ना कोई अंधेरों के सफ़र से,
वो बात है तुझ में कोई तुझ सा नहीं है,
कि काश कोई देखे तुझे मेरी नजर से।


कितना खूबसूरत चेहरा है तुम्हारा,
ये दिल तो बस दीवाना है तुम्हारा,
लोग कहते है चाँद का टुकड़ा तुम्हें,
पर मैं कहता हूँ चाँद भी टुकड़ा है तुम्हारा।

Shayari For Girlfriend Beauty

चुप ना होगी हवा भी, कुछ कहेगी घटा भी,
और मुमकिन है तेरा, जिक्र कर दे खुद़ा भी।
फिर तो पत्थर भी शायद ज़ब्त से काम लेंगे,
हुस्न की बात चली तो, सब तेरा नाम लेंगे।


मैने समझा था कि तू है तो दरख़्शां है हयात,
तेरा ग़म है तो ग़मे-दहर का झगड़ा क्या है,
तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात,
तेरी आँखों के सिवा दुनिया मे रक्खा क्या है।


Aisa Na Ho TujhKo Bhi Deewana Bana Daale,
Tanhai Mein Khud Apni Tasvir Na Dekha Kar.
ऐसा ना हो तुझको भी दीवाना बना डाले,
तन्हाई में खुद अपनी तस्वीर न देखा कर।


Bachpan Mein Sochta Tha Chaand Ko Chhoo Loon,
Aapko Dekha Wo Khwahish Jati Rahi.
बचपन में सोचता था चाँद को छू लूँ,
आपको देखा वो ख्वाहिश जाती रही।

Praise Shayari In Hindi

Kaise Bayaan Karein Saadgi Apne Mahboob Ki,
Parda Humin Se Tha Magar Najar Bhi Humin Pe Thi.
कैसे बयान करें सादगी अपने महबूब की,
पर्दा हमीं से था मगर नजर भी हमीं पे थी।


KamSini Ka Husn Tha Woh… Yeh Jawani Ki Bahaar,
Pahle Bhi Til Tha Rukh Par Magar Qatil Na Tha.
कमसिनी का हुस्न था वो… ये जवानी की बहार,
पहले भी तिल था रुख पर मगर क़ातिल न था।


Neend Se Kya Shiqwa Jo Aati Nahi Raat Bhar,
Kasoor Toh Unke Chehre Ka Hai Jo Sone Nahi Deta.
नींद से क्या शिकवा जो आती नहीं रात भर,
कसूर तो उस चेहरे का है जो सोने नहीं देता।

Khubsurti ki Tareef Shayari

Nahi Bhaata Ab Tere Siwa Kisi Aur Ka Chehra,
Tujhe Dekhna Aur Dekhte Rehna Dastoor Ban Gaya.
नहीं भाता अब तेरे सिवा किसी और का चेहरा,
तुझे देखना और देखते रहना दस्तूर बन गया है।


Iss Darr Se Kabhi Gaur Se Dekha Nahi Tujhko,
Kehte Hain Lag Jaati Hai Apnon Ki Najar Bhi.
इस डर से कभी गौर से देखा नहीं तुझको​,​
​​कहते हैं कि लग जाती है अपनों की नज़र भी​।


Kyun Chandni Raaton Mein Dariya Pe Nahate Ho,
Soye Huye Paani Mein Kya Aag Lagaani Hai.
क्यों चाँदनी रातों में दरिया पे नहाते हो,
सोये हुए पानी में क्या आग लगानी है


Woh Sharmayi Surat Woh Neechi Nigahein,
Woh Bhule Se Unka Idhar Dekh Lena.
वो शरमाई सूरत वो नीची निगाहें,
वो भूले से उनका इधर देख लेना।

Husn Ki Tareef Shayari

Iss Saadgi Pe Kaun Na Mar Jaye Ai Khuda,
Ladte Hain Aur Haath Mein Talwar Bhi Nahi.
इस सादगी पे कौन न मर जाए ऐ ख़ुदा,
लड़ते हैं और हाथ में तलवार भी नहीं।


Khwab Bankar Teri Aankho Me Samana Hai,
Dava Bankar Tere Har Dard Ko Mitana Hai,
Hasil Hai Mujhe Jamane Bhar Ki Khushiyan,
Meri har khushi ko bas tujh par lootana hain


शायद फिसल जायेगे पहली बार मेरे अरमान भी उस दिन
क्यूंकि हुस्न उसका उस दिन यारो अल्फाज़ो से परे होगा
चाँद भी उस दिन कुछ देर बदलो में छुप जाएगा
क्यूंकी ज़मी पर उस दिन डोली में एक और चाँद सवार होगा


मत पूछना मेरी खुशी की इंतेहा क्या होगी उस वक़्त…
क्यूंकी उस दिन खत्म मेरे बरसो का इन्तेजार होगा
Har nazar ko ek nazar ki talash hai,
Har chehre mein kuchh to ehsah hai,
Aapse dosti hum yun hi nahi kar baithe,
Kya karen hamari pasand hi kuchh KHAAS hai

Also Read : Romantic Shayari


शायरी पसन्द आये तो एक शेयर जरूर करे