Watan Shayari

Watan Shayari, शहीदों पर शायरी, Tiranga Shayari, Tiranga Shayari in Hindi,  Watan Shayari in Hindi, Watan ki Shayari, Mera watan Shayari, Shahido ki Shayari, वतन पर शायरी, वतन पे  शायरी, वतन शायरी, वतन की शायरी, तिरंगा शायरी, तिरंगा पे  शायरी, तिरंगा की  शायरी, Tiranga Ki Shayari, Tirange Ki Shayari, Shayari

Watan Shayari

Watan Shayari

कर जज्बे को बुलंद जवान, तेरे पीछे खड़ी आवाम
हर दुश्मन को मार गिराएंगे, जो हमसे देश बँटवाएंगे


आन देश की, शान देश की, इस देश की हम संतान हैं
तीन रंगों से रंगा तिरंगा, अपनी ये पहचान है

सीने में जूनून और आँखों में देशभक्ति की चमक रखता हूँ
दुश्मन की सांसे थम जायें, आवाज में इतनी धमक रखता हूँ

Watan Shayari


इस वतन के रखवाले हैं हम
शेर ए जिगर वाले हैं हम
मौत से हम नहीं डरते
मौत को बाँहों में पाले हैं हम वन्दे मातरम…

जब देश में थी दिवाली, वो झेल रहे थे गोली
जब हम बैठे थे घरों में, वो खेल रहे थे होली
क्या लोग थे वो अभिमानी
है धन्य वो उनकी जवानी


देश के लिए मर मिटना कुबूल है हमें
अखंड भारत के सपने का जूनून है हमें

खींच दो अपने ख़ूँ से जमीं पर लकीर
इस तरफ आने पाये ना रावण कोई
तोड़ दो अगर कोई हाथ उठने लगे
छू ना पाये सीता का दामन कोई
राम भी तुम तुम्हीं लक्ष्मण साथियो
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो


ऐ मेरे प्यारे वतन,
ऐ मेरे पिछड़े चमन
तुझ पे दिल कुर्बान

:तेरे दामन से जो आये, उन हवाओं को सलाम
चूम लूँ मैं उस जुबां को जिस पे आये तेरा नाम
सबसे सुन्दर सुबह तेरी
सबसे सुन्दर तेरी शाम
तुझ पे दिल कुरबान
ऐ मेरे प्यारे वतन,
ऐ मेरे पिछड़े चमन
तुझ पे दिल कुर्बान


सुन्दर है जग में सबसे, नाम भी सबसे न्यारा है
वो देश हमारा है, वो देश हमारा है


जहाँ जाति भाषा से बढ़कर देशप्रेम की धारा है
वो देश हमारा है, वो देश हमारा है

:जिंदगी है कल्पनाओं की जंग
कुछ तो करो इसके लिए दबंग
जियो शान से भरो उमंग
लहराओ सबसे दिलों में देश के लिए तिरंग


अधिकार मिलते नहीं लिए जाते हैं
आजाद हैं मगर गुलामी किये जाते हैं
वंदन करो उन सेनानियों को
जो मौत के आँचल में जिए जाते हैं

उड़ जाती है नींद ये सोचकर
कि सरहद पे दी गयीं वो कुर्बानियां
मेरी नींद के लिए थीं


इश्क तो करता है हर कोई
महबूब पे तो मरता है हर कोई
कभी वतन को महबूब बना के देखो
तुझ पे मरेगा हर कोई

कर चले हम फ़िदा जाने तन साथियो
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो


कुछ नशा तिरंगे की आन का है,
कुछ नशा मातृभूमि की मान का है,
हम लहरायेंगे हर जगह ये तिरंगा,
नशा ये हिन्दुस्तान की शान का है….

उनके हौंसले का मुकाबला ही नहीं है कोई
जिनकी कुर्बानी का कर्ज हम पर उधार है
आज हम इसीलिए खुशहाल हैं क्यूंकि
सीमा पे जवान बलिदान को तैयार है….


आओ देश का सम्मान करें शहीदों की शहादत याद करें
एक बार फिर से राष्ट्र की कमान
हिंदुस्तानी अपने हाथ धरें
आओ स्वतंत्रता दिवस का मान करें

आजादी की कभी शाम ना होने देंगे
शहीदों की कुर्बानी बदनाम ना होने देंगे
बची है जो 1 भी बूंद लहू की तब तक
भारत का आँचल नीलाम ना होने देंगे


भारत माता तेरी गाथा
सबसे ऊँची तेरी शान
तेरे आगे शीश झुकाएं
दें तुझको हम सब सम्मान